छोटा जवाब
थनैला थन का संक्रमण और सूजन है। थन का कोई हिस्सा सूजा, गरम या दर्द वाला हो, या दूध में छीछड़े, फटा या पानी जैसा दूध या खून आए, तो ध्यान दें। पशु डॉक्टर से जल्दी इलाज करवाने से थन बचता है, इसलिए देर न करें। साफ़ और सूखा फ़र्श, साफ़ हाथ और थन, पूरा दूध निकालना, और दूध के बाद पशु को खड़ा रखना ज़्यादातर मामलों से बचाता है।
थनैला के लक्षण
- थन का एक या ज़्यादा हिस्सा सूजा, सख़्त, गरम या दर्द वाला।
- दूध में छीछड़े, फटा या पानी जैसा दूध, या खून।
- उस थन से दूध कम आना।
- गंभीर हालत में बुखार और खाना छोड़ देना।
थनैला छिपा भी हो सकता है: थन ठीक दिखता है पर दूध और SNF घटते हैं। पशु डॉक्टर या डेयरी से मिलने वाली स्ट्रिप कप या थनैला जाँच किट से इसका पता चलता है।
यह क्यों होता है
कीटाणु थन के छेद से अंदर जाते हैं। गीला गंदा फ़र्श, गंदे हाथ या कपड़ा, अधूरा दूध निकालना और थन की चोट से यह आसान हो जाता है। दूध निकालने के बाद कुछ देर थन का छेद खुला रहता है, ज़्यादातर कीटाणु तभी घुसते हैं।
बचाव कैसे करें
- तबेले का फ़र्श साफ़ और सूखा रखें।
- दूध निकालने से पहले थन धोकर साफ़ कपड़े से सुखाएँ।
- साफ़ सूखे हाथों से पूरी मुट्ठी से दूध निकालें, अँगूठा दबाकर नहीं।
- संक्रमित पशु का दूध सबसे आख़िर में निकालें।
- दूध के तुरंत बाद चारा दें, ताकि थन बंद होने तक पशु खड़ा रहे।
- रोज़ हर थन की पहली धार जाँचें।
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पशु डॉक्टर कब बुलाएँ
थन गरम और सख़्त हो, दूध में खून आए या बुखार हो, तो उसी दिन पशु डॉक्टर बुलाएँ। इलाज न होने पर थनैला से थन हमेशा के लिए ख़राब हो सकता है।
पशुपालकों के सवाल
थनैला के पहले लक्षण क्या हैं?
थन का कोई हिस्सा सूजा, गरम या दर्द वाला हो, और पहली धार में छीछड़े या पानी जैसा दूध आए। रोज़ हर थन की पहली धार जाँचें।
क्या थनैला से बचा जा सकता है?
ज़्यादातर मामलों में हाँ। फ़र्श साफ़ और सूखा रखें, दूध से पहले थन धोकर सुखाएँ, पूरा दूध निकालें, और दूध के बाद कुछ देर पशु को खड़ा रखें।
क्या मस्टाइटिस क्योर एंटीबायोटिक है?
नहीं। यह थन की सूजन के लिए हर्बल फीड सप्लीमेंट है। गंभीर थनैला में पशु डॉक्टर ज़रूरी है, दवा वही तय करेंगे।
