छोटा जवाब
गोचिड़ (किलनी) खून चूसते हैं, पशु को परेशान करते हैं, दूध घटाते हैं और टिक फीवर जैसी बीमारियाँ फैलाते हैं। थन, पूँछ के नीचे, कान और पैरों के बीच नियमित देखें, और पशु के साथ तबेले का भी इलाज करें, क्योंकि गोचिड़ दीवार और फ़र्श की दरारों में अंडे देते हैं। तेज़ बुखार या लाल पेशाब हो तो पशु डॉक्टर को दिखाएँ।
कहाँ देखें
- थन और थनों के आसपास।
- पूँछ के नीचे।
- कान के अंदर और पीछे।
- पिछले पैरों के बीच।
- गर्दन और गलकंबल।
गोचिड़ क्यों नुक़सान करते हैं
- खून की कमी और कमज़ोरी।
- दूध कम होना।
- टिक फीवर और गोचिड़ से फैलने वाली दूसरी बीमारियाँ।
- चमड़ी पर घाव, जिन पर मक्खियाँ बैठती हैं।
कैसे छुटकारा पाएँ
- तबेले के सभी पशुओं का इलाज एक साथ करें।
- दीवार और फ़र्श की दरारें भरें और पुराना बिछावन हटाएँ।
- उत्पाद पर लिखे अनुसार इलाज दोहराएँ, क्योंकि अंडे बाद में फूटते हैं।
- तबेले के आसपास घास छोटी रखें।
- नए पशु को झुंड में मिलाने से पहले गोचिड़ के लिए जाँचें।
HNC के उत्पाद जो मदद करते हैं
पशु डॉक्टर कब बुलाएँ
तेज़ बुखार, लाल या कॉफ़ी रंग का पेशाब, पीले मसूड़े, या पशु खाना छोड़ दे, तो पशु डॉक्टर बुलाएँ। ये टिक फीवर के लक्षण हैं।
पशुपालकों के सवाल
गाय से गोचिड़ कैसे हटाएँ?
तबेले के सभी पशुओं का इलाज एक साथ करें, तबेला साफ़ करें और दरारें भरें जहाँ गोचिड़ अंडे देते हैं, और बताए अनुसार इलाज दोहराएँ। टिक्स जैसा हर्बल स्प्रे पशु को गोचिड़ से बचाने में मदद करता है।
गोचिड़ बार बार क्यों आ जाते हैं?
गोचिड़ तबेले में ही अंडे देते हैं। सिर्फ़ पशु का इलाज करने से नए गोचिड़ फिर चढ़ जाते हैं। तबेला साफ़ करें और दरारें भी भरें।
क्या गोचिड़ से पशु बीमार होता है?
हाँ। गोचिड़ टिक फीवर फैलाते हैं। तेज़ बुखार, लाल पेशाब और पीले मसूड़े हों तो तुरंत पशु डॉक्टर बुलाएँ।
